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हनुमान जयंती (दक्षिण)
वसंत ऋतु · 23 दिसंबर 2026

हनुमान जयंती (दक्षिण)

हनुमज्जयन्ती · दक्षिण की हनुमान जयंती

पर्व विवरण
इस वर्ष की तिथि

23 दिसंबर 2026

कब

दक्षिण हनुमान जयंती

अवधि

१ दिन

आराध्य देव
हनुमान
परिचय

ॐ हनुमते नमः

हनुमान जयंती (दक्षिण) सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है जिसमें हनुमान की स्मृति और साधना केंद्र में रहती है। भक्त इस दिन व्रत, पूजा और दान से जीवन को शुद्ध करते हैं।


उत्पत्ति

शास्त्र और लोक दोनों में हनुमान जयंती (दक्षिण) की जड़ें गहरी हैं। तिथि, कथा और आंध्र-तेलंगाना की परंपराएँ मिलकर इस पर्व को अर्थ देती हैं।

क्यों मनाया जाता है

यह पर्व इसलिए मनाया जाता है कि हनुमान हमें कर्तव्य, भक्ति और संतुलन सिखाता है। परिवार और समाज एक साथ श्रद्धा व्यक्त करते हैं।

कथा

पुराण-कथाओं में हनुमान जयंती (दक्षिण) से जुड़ी कथाएँ हनुमान के माध्यम से धर्म की रक्षा और भक्त की रक्षा का संदेश देती हैं।

कहानियाँ और प्रसंग

आंध्र-तेलंगाना और अन्य क्षेत्रों में हनुमान जयंती (दक्षिण) की लोककथाएँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुनाई जाती हैं, जिससे पर्व जीवित रहता है।

विधि एवं परंपरा

स्नान-पूजन, मंत्र जप, व्रत या फलाहार, दीपदान, और हनुमान से जुड़े पारंपरिक प्रसाद।

कहाँ मनाया जाता है

मुख्य रूप से आंध्र-तेलंगाना; देश के अन्य भागों और प्रवासी समाज में भी श्रद्धा से मनाया जाता है।

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गीता, देवता और पर्व — सरल भाषा में, घर में पढ़े जाने लायक।

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