
अवतार · तृतीय अवतार
वराह
वराह · शूकररूप
वंश / संबंध
मूल देवताविष्णु →
परिचय
वराह
वराह अवतार में विष्णु ने हिरण्याक्ष से पृथ्वी को मुक्त कर जल से बाहर निकाला।
प्रतीक
पृथ्वी को दाँतों पर उठाना — लोक-रक्षा और शक्ति का दिव्य दृश्य है।
स्वरूप एवं चिह्न
वराह मुख, गदा-चक्र; भूदेवी का रक्षक।
कथाएँ
हिरण्याक्ष वध के बाद वराह ने पृथ्वी को पुनः उसके स्थान पर स्थापित किया।
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दशावतार
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03 · तृतीय अवतार
वराह
वराहवराह अवतार में विष्णु ने हिरण्याक्ष से पृथ्वी को मुक्त कर जल से बाहर निकाला।
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